मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 संपन्न, सीएम साय की बड़ी घोषणाएं
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मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 ने राजा मोरध्वज के त्याग, धर्म और सत्यनिष्ठा की परंपरा को जनमानस तक सशक्त रूप से पहुंचाया।
महोत्सव में सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक चेतना और जनसहभागिता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समोदा को तहसील दर्जा और महोत्सव अनुदान बढ़ाकर क्षेत्रीय विकास को नई गति दी।
ARANG/ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, धार्मिक और नैतिक विरासत को समर्पित मोरध्वज आरंग महोत्सव-2026 का समापन ऐतिहासिक गरिमा और भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। राजा मोरध्वज के त्याग, धर्म और सत्यनिष्ठा की परंपरा को समर्पित इस महोत्सव में जनप्रतिनिधियों, साधु-संतों, मातृशक्ति, युवाओं और नागरिकों की व्यापक सहभागिता देखने को मिली। समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संबोधन और विकास से जुड़ी घोषणाएं आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहीं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का प्रेरक संबोधन
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राजा मोरध्वज का जीवन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना, नैतिक मूल्यों और त्याग की भावना का अमर प्रतीक है। उनका सत्य के प्रति अडिग संकल्प आज भी समाज को कर्तव्य, धर्म और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे महापुरुषों की स्मृति से जुड़ा यह महोत्सव नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।
आरंग की पौराणिक और आध्यात्मिक महत्ता
मुख्यमंत्री साय ने आरंग की पुण्यभूमि के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह भूमि त्रेता युग में प्रभु श्रीराम के चरण-स्पर्श और द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों से अनुप्राणित रही है। उन्होंने बागेश्वर बाबा में विधिवत जलाभिषेक और पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और सतत विकास की कामना की।
विकास को लेकर अहम घोषणाएं
मोरध्वज आरंग महोत्सव के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय विकास को गति देने वाली कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। समोदा उप तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने और वहां पूर्णकालिक तहसीलदार की पदस्थापना की घोषणा की गई। इसके साथ ही मोरध्वज महोत्सव को मिलने वाले शासकीय अनुदान को ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख करने की घोषणा कर आयोजन समिति और क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी गई। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित खेल परिसर सहित अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने का आश्वासन भी दिया।
“मोदी की गारंटी” और सुशासन का संकल्प
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार “मोदी की गारंटी” के अनुरूप जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को सरकार की विकास नीति का मूल आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि संवेदनशील शासन, त्वरित निर्णय और जनता से सीधा संवाद ही सुशासन की पहचान है।
कला और कलाकारों का सम्मान
समारोह के दौरान सैंड आर्टिस्ट हेमचंद साहू को रेत से भगवान श्रीकृष्ण, भगवान श्रीराम और भगवान बागेश्वरनाथ की दिव्य आकृतियां उकेरने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की कला न केवल हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बनाती है, बल्कि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी सहायक है।
जनसहभागिता से बना आयोजन ऐतिहासिक
जनप्रतिनिधियों, साधु-संतों, मातृशक्ति, युवाओं और बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता ने मोरध्वज आरंग महोत्सव–2026 को ऐतिहासिक बना दिया। मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति को भव्य और सफल आयोजन के लिए बधाई दी और प्रदेशवासियों को महोत्सव की शुभकामनाएं दीं।