संयुक्त राष्ट्र प्रमुख गुटेरेश का आह्वान: एकजुट और समावेशी समाज का निर्माण जरूरी

Sat 17-Jan-2026,11:58 PM IST +05:30

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संयुक्त राष्ट्र प्रमुख गुटेरेश का आह्वान: एकजुट और समावेशी समाज का निर्माण जरूरी UN-Chief-António-Guterres-Calls-for-Building-United-and-Inclusive-Societies-Worldwide
  • एंतोनियो गुटेरेश ने वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए एकजुट, समावेशी और सहयोग आधारित समाज निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया।

  • संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने बढ़ती असमानता, ध्रुवीकरण और जलवायु संकट को वैश्विक शांति के लिए गंभीर खतरा बताया।

  • टेरेश ने विकासशील देशों की मदद और युवाओं की भागीदारी को टिकाऊ भविष्य की कुंजी करार दिया।

Delhi / North Delhi :

Delhi /    संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने वैश्विक मंच से दुनिया के देशों और समाजों से एकजुटता, सहयोग और समावेशी सोच अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना कर रही है, जिनमें युद्ध, जलवायु परिवर्तन, गरीबी, असमानता और सामाजिक विभाजन प्रमुख हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए केवल सरकारों का नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग का साझा प्रयास आवश्यक है।

गुटेरेश ने अपने संबोधन में जोर देते हुए कहा कि “हमें संयुक्त राष्ट्र की दुनिया में एकजुट समाजों का निर्माण करना होगा, जहां विविधता को कमजोरी नहीं बल्कि ताकत माना जाए।” उन्होंने कहा कि बढ़ती ध्रुवीकरण की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक मूल्यों और शांति के लिए खतरा बन रही है। ऐसे समय में संवाद, आपसी सम्मान और सहयोग ही स्थायी समाधान का रास्ता दिखा सकते हैं।

महासचिव ने यह भी कहा कि वैश्विक असमानता और विकास में अंतर सामाजिक तनाव को बढ़ा रहे हैं। अमीर और गरीब देशों के बीच खाई लगातार गहरी हो रही है, जिसका असर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर साफ दिखाई देता है। उन्होंने विकसित देशों से अपील की कि वे विकासशील देशों को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करें, ताकि कोई भी देश या समुदाय पीछे न छूटे।

जलवायु संकट पर बात करते हुए गुटेरेश ने कहा कि यह केवल पर्यावरणीय समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक और मानवीय संकट भी है। जलवायु परिवर्तन का सबसे अधिक असर कमजोर और हाशिए पर रहने वाले समुदायों पर पड़ता है। ऐसे में वैश्विक एकजुटता और जिम्मेदारी साझा करना समय की मांग है।

अपने संदेश के अंत में संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने युवाओं और नागरिक समाज की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है और समावेशी, शांतिपूर्ण दुनिया के निर्माण में उनकी भागीदारी बेहद जरूरी है। गुटेरेश ने विश्वास जताया कि यदि देश आपसी मतभेद भुलाकर साझा मूल्यों पर आगे बढ़ें, तो एक सुरक्षित और न्यायपूर्ण वैश्विक समाज का सपना साकार हो सकता है।