Parvinder Singh Jota Death | 26 दिन बाद परविंदर झोटा का अंतिम संस्कार! पिता ने नशे के खिलाफ जंग जारी रखने का लिया संकल्प

Sun 08-Nov-2026,03:45 PM IST +05:30

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Parvinder Singh Jota Death | 26 दिन बाद परविंदर झोटा का अंतिम संस्कार! पिता ने नशे के खिलाफ जंग जारी रखने का लिया संकल्प Parvinder Singh Jota Death
  • 26 दिन बाद मानसा के चकेरिया रोड स्थित खेत में परविंदर झोटा का अंतिम संस्कार हुआ।

  • अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और श्रद्धांजलि दी।

  • पिता भीम सिंह ने नशे के खिलाफ मुहिम जारी रखने और एसएसपी के इस्तीफे की मांग उठाई।

Punjab / Amritsar :

Amritsar / 26 दिनों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार एंटी ड्रग टास्क फोर्स के नेता परविंदर सिंह झोटा का अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। फूलों की बारिश, भावुक परिवार और गूंजते नारों के बीच विदाई दी गई। लेकिन इस अंतिम संस्कार के साथ ही नशे के खिलाफ एक नई लड़ाई का संकल्प भी सामने आया।

पंजाब में एंटी ड्रग टास्क फोर्स के नेता परविंदर सिंह झोटा का 26 दिन बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। दोपहर करीब 2 बजकर 30 मिनट पर मानसा के चकेरिया रोड स्थित उनके खेत में सिख परंपराओं के अनुसार अंतिम रस्में पूरी की गईं।

परविंदर झोटा का पार्थिव शरीर सुबह चंडीगढ़ से एंबुलेंस के जरिए मानसा लाया गया। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने फूल बरसाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मानसा के तिकोनी चौक पर नशे के खिलाफ चल रहे धरने में भी उनके पार्थिव शरीर पर फूलों की वर्षा की गई।

इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके घर ले जाया गया, जहां पत्नी मनप्रीत कौर, माता अमरजीत कौर और बच्चों ने अपने प्रियजन के अंतिम दर्शन किए। परिवार के लिए यह बेहद भावुक पल था। इसके बाद पार्थिव शरीर को सेंट्रल पार्क के बाहर लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। यहां रागी सिंहों की ओर से कीर्तन का आयोजन किया गया।

अंतिम संस्कार से पहले सिख परंपरा के अनुसार अरदास की रस्म अदा की गई। इसके बाद उनके बच्चों ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान लोगों ने 'परविंदर सिंह झोटा अमर रहें' और 'परविंदर झोटा तेरी सोच ते पहरा देंगे ठोक के' जैसे नारे लगाए।

परविंदर झोटा के अंतिम संस्कार में वारिस पंजाब दे पार्टी के सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह, पार्टी विधायक मनप्रीत सिंह अयाली और पूर्व विधायक हरदेव अर्शी भी मौजूद रहे।

इस मौके पर परविंदर झोटा के पिता भीम सिंह ने युवाओं से खास अपील की। उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार में पहुंचे युवाओं को यह संकल्प लेना चाहिए कि वे खुद नशा नहीं करेंगे और अपने आसपास भी नशा नहीं बिकने देंगे। उनके मुताबिक, यही उनके बेटे को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

भीम सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके बेटे ने नशे के खिलाफ जो लड़ाई शुरू की थी, उसे बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि आगे भी जारी रखा जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने एसएसपी वैभव चौधरी के इस्तीफे की मांग भी उठाई।

परविंदर झोटा की अंतिम विदाई के दौरान उमड़ी भीड़ और लोगों के नारों ने यह दिखाया कि उनके समर्थक नशे के खिलाफ उनकी मुहिम को आगे बढ़ाने की बात कर रहे हैं।

अब देखने वाली बात होगी कि नशे के खिलाफ इस मुहिम को आगे किस तरह संगठित किया जाता है और परिवार की मांगों पर प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।