मोबाइल नेटवर्क न आना बना उपभोक्ता सेवा में कमी, टेलीकॉम कंपनियों पर सवाल

Thu 15-Jan-2026,04:53 PM IST +05:30

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मोबाइल नेटवर्क न आना बना उपभोक्ता सेवा में कमी, टेलीकॉम कंपनियों पर सवाल Mobile-Network-Failure-Raises-Serious-Questions-on-Consumer-Service-Quality-in-India
  • मोबाइल नेटवर्क न आना उपभोक्ता सेवा में गंभीर कमी माना जा रहा है, जिससे डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन पढ़ाई और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

  • बार-बार कॉल ड्रॉप और स्लो इंटरनेट को उपभोक्ता फोरम ‘डिफिशिएंसी इन सर्विस’ की श्रेणी में मानता है, मुआवजे का अधिकार भी देता है।

  • ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में नेटवर्क समस्या बढ़ी, उपभोक्ता संगठनों ने टेलीकॉम कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Delhi / New Delhi :

Delhi / मोबाइल नेटवर्क का अचानक गायब हो जाना अब केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि उपभोक्ता सेवा में गंभीर कमी बनता जा रहा है। देश के कई हिस्सों से लगातार ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं, जहां कॉल ड्रॉप, नो नेटवर्क, स्लो इंटरनेट और डेटा फेल जैसी समस्याओं ने आम उपभोक्ताओं की दिनचर्या को प्रभावित किया है। डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन पढ़ाई, वर्क फ्रॉम होम और इमरजेंसी कॉल जैसी ज़रूरतों में मोबाइल नेटवर्क की भूमिका अहम है, ऐसे में नेटवर्क न आना उपभोक्ताओं के अधिकारों पर सीधा असर डालता है।

ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में स्थिति और भी चिंताजनक है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि नेटवर्क सेवा के पूरे पैसे वसूले जाते हैं, लेकिन सेवा आधी भी उपलब्ध नहीं होती। शिकायत दर्ज कराने के बाद भी टेलीकॉम कंपनियों की ओर से केवल तकनीकी कारण बताकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की जाती है। उपभोक्ता फोरम के अनुसार, बार-बार नेटवर्क फेल होना ‘डिफिशिएंसी इन सर्विस’ की श्रेणी में आता है।

टेलीकॉम एक्सपर्ट्स का मानना है कि बढ़ते यूजर्स और सीमित इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण नेटवर्क पर दबाव बढ़ा है, लेकिन इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। नियामक संस्थाएं पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि यदि कोई सेवा प्रदाता तय गुणवत्ता के अनुरूप सेवा देने में असफल रहता है, तो उपभोक्ता मुआवजे की मांग कर सकता है।

शहरी इलाकों में भी नेटवर्क समस्या अब केवल कॉल तक सीमित नहीं रही। हाई-स्पीड इंटरनेट के दावे के बावजूद कई क्षेत्रों में डेटा स्पीड बेहद कम पाई जा रही है। इससे ऑनलाइन कारोबार, डिजिटल सेवाएं और स्टूडेंट्स की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उपभोक्ता संगठनों ने सरकार और TRAI से सख्त निगरानी और जुर्माने की मांग की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल नेटवर्क सेवा अब लग्ज़री नहीं बल्कि बुनियादी ज़रूरत बन चुकी है। ऐसे में सेवा प्रदाताओं की जिम्मेदारी है कि वे नेटवर्क क्वालिटी सुधारें और पारदर्शी शिकायत निवारण व्यवस्था लागू करें, ताकि उपभोक्ताओं का भरोसा कायम रह सके।