Parliament March: संसद मार्च के दौरान आंसू गैस, CJP का पुलिस पर बड़ा आरोप, दिल्ली में हाई अलर्ट

Mon 20-Jul-2026,03:40 PM IST +05:30

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Parliament March: संसद मार्च के दौरान आंसू गैस, CJP का पुलिस पर बड़ा आरोप, दिल्ली में हाई अलर्ट Parliament March
  • संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव, आंसू गैस का इस्तेमाल।

  • CJP ने संस्थापक की हिरासत और शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर बल प्रयोग का दावा किया।

  • दिल्ली पुलिस ने बिना अनुमति मार्च पर रोक और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी।

Delhi / Delhi :

नई दिल्ली / संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च को लेकर राजधानी दिल्ली में तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला। संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग की और कई स्थानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े। प्रदर्शन के दौरान अफरा-तफरी मच गई, जबकि कई प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक भी हुई।

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को पुलिस हिरासत में ले गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और समर्थकों पर पुलिस बल प्रयोग कर रही है। सौरव दास ने सभी सांसदों से अपील की कि वे सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन करें।

इससे पहले अभिजीत दीपके और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें बैरिकेड लगाकर रोक दिया। प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने पर पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। घटना के कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं, जिनमें रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवान प्रदर्शनकारियों को हटाते और भीड़ को नियंत्रित करते दिखाई दे रहे हैं।

सौरव दास ने यह भी दावा किया कि उन्होंने और पार्टी के दूसरे प्रवक्ता आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर आंदोलन से जुड़ा मांगपत्र सौंपा। उनके अनुसार, मंत्री ने मांगों पर आंतरिक स्तर पर चर्चा का भरोसा दिया है। हालांकि, सरकार की ओर से इस मुलाकात पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

सीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि भारी बारिश और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद उसके समर्थक शांतिपूर्ण तरीके से संसद तक मार्च करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। संगठन का कहना है कि आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण है।

इस बीच, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 23 दिनों से अनशन पर हैं और फिलहाल सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी पत्नी ने कहा है कि यदि सांसद शिक्षा में जवाबदेही के मुद्दे को संसद में उठाने का भरोसा दें, तो वांगचुक अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं।

उधर, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संसद मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी। नई दिल्ली क्षेत्र में बीएनएसएस की धारा 163 लागू है, जिसके तहत जंतर-मंतर के निर्धारित प्रदर्शन स्थल को छोड़कर पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने और मार्च निकालने पर प्रतिबंध है। पुलिस ने लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और बिना अनुमति किसी भी प्रदर्शन में शामिल न होने की अपील की है। संसद सत्र को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक कड़ी कर दी गई है।