लखीमपुर खीरी: तहसील पलिया में भ्रष्टाचार के आरोप, अधिवक्ताओं का जोरदार विरोध
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Lakhimpur Kheri
तहसील पलिया में अधिकारी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप.
अधिवक्ताओं का विरोध, नारेबाजी और जांच की मांग.
वसूली और संरक्षण के आरोपों से प्रशासन पर सवाल.
Lakhimpur Kheri / जनपद लखीमपुर खीरी की तहसील पलिया इन दिनों गंभीर आरोपों और लगातार विवादों के कारण चर्चा में है। तहसील में कार्यरत एक अधिकारी पर भ्रष्टाचार, वसूली और संरक्षण देने जैसे आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं ने खुलकर विरोध दर्ज कराया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि तहसील पलिया में एक ऐसे अधिकारी की तैनाती हुई है, जिसकी कार्यशैली पर शुरू से ही सवाल उठते रहे हैं और जिसके कारण तहसील का माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है।
आक्रोशित अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि “भ्रष्टाचार अधिकारी रिश्वतखोर, जिनके बच्चे बनेंगे चोर।” उनका आरोप है कि यह अधिकारी न केवल खुद भ्रष्ट गतिविधियों में संलिप्त है, बल्कि बाहर से आए कुछ कर्मचारियों को भी अपने साथ लाकर वसूली का पूरा तंत्र खड़ा कर रहा है। अधिवक्ताओं का कहना है कि पंचायत मित्र, शिक्षा मित्र और किसान मित्र तो आम लोग देख चुके हैं, लेकिन अब तहसील पलिया में “वसूली मित्र” देखने को मिल रहे हैं, जो आम जनता से खुलेआम धन उगाही कर रहे हैं।
अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि मोहम्मदी तहसील से आए एक सक्षम अधिकारी अपने साथ ऐसे कर्मचारियों को लेकर आए हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य केवल अवैध वसूली करना है। बताया गया कि जिस तहसील में यह अधिकारी पहले कार्यरत रहा, वहां उसने दो लेखपालों को खास तौर पर मोटी कमाई के लिए अपने पास रखा था। यही नहीं, एक गंभीर आरोप यह भी है कि अधिकारी के संरक्षण में एक लेखपाल को रात के समय चोरी करते हुए पकड़ा गया था। बताया जा रहा है कि एक अधिवक्ता ने उसे पांच गांठ कंबल चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा था, जिसके बाद संबंधित अधिकारी सफाई देने में जुट गए।
अधिवक्ताओं का कहना है कि जब से यह अधिकारी तहसील पलिया में कार्यरत है, तब से आए दिन विवाद हो रहे हैं। आम जनता परेशान है और तहसील में आने वाले लोगों को न्याय के बजाय अपमान और भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि तहसील जैसी संवेदनशील जगह पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।