उपराष्ट्रपति से मिले ब्रिटिश स्पीकर

Fri 16-Jan-2026,05:17 PM IST +05:30

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उपराष्ट्रपति से मिले ब्रिटिश स्पीकर India-Uk-Parliamentary-Meeting-Vice-President-House-Of-Lords
  • उपराष्ट्रपति और ब्रिटिश स्पीकर की बैठक में भारत–ब्रिटेन संसदीय संबंधों और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने पर सहमति बनी।

  • डिजिटल संसद, ई-संसद प्रणाली और जनभागीदारी बढ़ाने में तकनीक के उपयोग पर अनुभव साझा किए गए।

Delhi / New Delhi :

New Delhi/ उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली स्थित संसद भवन में ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स के स्पीकर लॉर्ड मैकफॉल ऑफ अलक्लुइथ पीसी के साथ एक सौहार्दपूर्ण और सार्थक बैठक की। यह मुलाकात 14 से 16 जनवरी 2026 तक भारत में आयोजित राष्ट्रमंडल देशों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (सीएसपीओसी) के दौरान हुई। बैठक में भारत–ब्रिटेन संसदीय संबंधों, लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय कूटनीति को मजबूत करने पर विशेष चर्चा हुई।

राज्यसभा में ब्रिटिश स्पीकर का स्वागत करते हुए उपराष्ट्रपति ने उनकी भारत यात्रा को दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक मित्रता और मजबूत संसदीय परंपराओं का प्रतीक बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा भारत की संसदीय संस्कृति, लोकतांत्रिक मूल्यों और ऐतिहासिक परंपराओं को समझने का अवसर प्रदान करेगी।

बैठक के दौरान उपराष्ट्रपति ने भारत और ब्रिटेन के साझा ऐतिहासिक और संसदीय संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत की संसदीय प्रणाली वेस्टमिंस्टर मॉडल से प्रेरित रही है, लेकिन यह देश की विविधता और लोकतांत्रिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित हुई है। दोनों देशों की संसदें विधि के शासन, संसदीय विशेषाधिकार और कार्यपालिका पर लोकतांत्रिक निगरानी के मूल्यों को साझा करती हैं।

उपराष्ट्रपति ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बात करते हुए कहा कि यह अधिकार उत्तरदायित्व के साथ जुड़ा होना चाहिए और इसका दुरुपयोग विघटनकारी गतिविधियों के लिए नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि साझा लोकतांत्रिक सिद्धांत दोनों देशों के बीच ज्ञान-विनिमय और सहयोग के लिए मजबूत आधार प्रदान करते हैं।

संसदीय कूटनीति को राष्ट्रमंडल संबंधों की रीढ़ बताते हुए उपराष्ट्रपति ने संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान, संयुक्त कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि भारत पहले भी कई अंतर-संसदीय प्रतिनिधिमंडलों की मेजबानी कर चुका है और आगे भी इस सहयोग को विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है।

डिजिटल नवाचार पर चर्चा करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत ने ई-संसद प्रणाली, लाइव स्ट्रीमिंग और डिजिटल रिकॉर्ड जैसी पहलें अपनाकर संसदीय कार्यों को अधिक पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाया है। उन्होंने हाउस ऑफ लॉर्ड्स के डिजिटल अनुभवों में रुचि जताई, विशेष रूप से सुलभता, पारदर्शिता और जनभागीदारी बढ़ाने के संदर्भ में।

बैठक के समापन पर उपराष्ट्रपति ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी, जलवायु परिवर्तन, शिक्षा और प्रौद्योगिकी आधारित सुशासन जैसे वैश्विक मुद्दों पर भारत–ब्रिटेन के संयुक्त प्रयासों की संभावना पर बल दिया। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दोनों देशों के सहयोग की मजबूत नींव बताया। इस अवसर पर राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश भी उपस्थित रहे।