अमित शाह ने भारत टैक्सी सहकार मॉडल का खाका रखा
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Amit-Shah-Bharat-Taxi-Cooperative-Model
भारत टैक्सी सहकार मॉडल में 500 रुपये शेयर से सारथियों को मालिकाना हक और मुनाफे में 80 प्रतिशत सीधी हिस्सेदारी मिलेगी।
‘सारथी दीदी’ सुविधा, न्यूनतम किराया दर और शिकायत विंडो से महिला सुरक्षा व सारथी कल्याण को प्राथमिकता।
New Delhi/ नई दिल्ली में आयोजित संवाद कार्यक्रम में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने ‘भारत टैक्सी’ पहल को एक बड़े सहकारिता आंदोलन के रूप में प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उन्होंने टैक्सी चालकों को ‘सारथी’ संबोधित करते हुए कहा कि जो श्रम करता है, मुनाफा उसी को मिलना चाहिए। कार्यक्रम का उद्देश्य सारथियों को मालिकाना हक, पारदर्शिता और लाभ में हिस्सेदारी सुनिश्चित करना बताया गया।
अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी को देश की पांच बड़ी सहकारी संस्थाओं के सहयोग से खड़ा किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मॉडल में 500 रुपये का शेयर लेकर कोई भी सारथी साझेदार बन सकता है और मालिकाना हक प्राप्त कर सकता है। भविष्य में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चुनाव में सारथियों के लिए आरक्षित स्थान भी रखे जाएंगे, ताकि वे स्वयं अपनी नीतियां तय कर सकें।
उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी का उद्देश्य निजी कंपनियों की तरह अधिकतम लाभ कमाना नहीं, बल्कि सारथियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। कुल आय का 20 प्रतिशत भारत टैक्सी के खाते में पूंजी के रूप में जमा होगा, जबकि 80 प्रतिशत राशि टैक्सी द्वारा तय किए गए किलोमीटर के आधार पर सीधे सारथियों के खातों में जाएगी। शुरुआती तीन वर्षों में विस्तार पर ध्यान दिया जाएगा और उसके बाद लाभ का वितरण इसी अनुपात में होगा।
सहकारिता मंत्री ने बताया कि भारत टैक्सी के माध्यम से सारथियों की गाड़ियों को मॉर्गेज सुविधा मिलेगी और कोऑपरेटिव बैंकों से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरी व्यवस्था पारदर्शी होगी और सभी जानकारी नोटिफिकेशन के जरिए उपलब्ध कराई जाएगी। किराया निर्धारण के लिए न्यूनतम व्यवहार्यता दर तय की जाएगी, जिसमें वाहन लागत, ईंधन खर्च और न्यूनतम लाभ शामिल होगा।
कार्यक्रम में ‘सारथी दीदी’ सुविधा की भी घोषणा की गई, जिसके तहत महिला सारथियों को विशेष अवसर दिए जाएंगे और महिला यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता मिलेगी। ऐप में ऐसा प्रावधान होगा कि अकेली महिला यात्री महिला सारथी को प्राथमिकता दे सके।
अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी की वेबसाइट पर शिकायत और सुझाव के लिए विशेष विंडो खोली जाएगी, जहां सारथी मोबाइल नंबर से लॉग-इन कर अपनी समस्याएं दर्ज कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्राहक संतुष्टि और सारथी कल्याण दोनों पर समान रूप से केंद्रित है।
उन्होंने सारथियों से अपील की कि वे स्वयं को ड्राइवर नहीं, बल्कि ‘सारथी’ कहें और इस पेशे को सम्मानजनक पहचान दिलाने में योगदान दें। यह पहल सहकारिता के माध्यम से आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।